दो बच्चो की जिम्मेदारी और 4 सर्जरी के साथ पास किया UPSC की परीक्षा, महिलाओं के लिए बनी मिशाल

देश के सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी को माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने के लिए छात्र कई वर्षों तक लगातार तैयारी करते हैं, तैयारी करने के लिए छात्र घर, परिवार और दोस्तों से नाता तोड़ लेते हैं ताकि अच्छे से तैयारी कर सके। सोचिए अगर कोई महिला दो बच्चों और मेजर सर्जरी के साथ यूपीएससी की परीक्षा पास कर जाए तो यह वाकई तारीफ के काबिल है। कुछ ऐसा ही कारनामा यूपी के कन्नौज की रहने वाली बुशरा बानो ने किया था। आइए जानते हैं-

डॉ. बुशरा बानो उत्तर प्रदेश के कन्नौज की रहने वाली है। उन्होंने साल 2018 की यूपीएससी की परीक्षा में सफल हुई थी हालांकि कुछ कारणों की वजह से उन्होंने सर्विस जॉइन नहीं किया। इनकी कहानी काफी रोचक है, इन्हें पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बीच बैलेंस बनाना बखूबी आता है। वह दोनों जगह की जिम्मेदारियां आसानी से निभा लेती हैं और सिर्फ इसलिए उन्होंने आईपीएस के ऑफर को भी होल्ड पर रख दिया था।

डॉ. बुशरा बानो एजुकेशन

उन्होंने 4 साल की उम्र से कक्षा 2 से अपनी प्राइमरी एजुकेशन शुरू किया था. वह पूरी एकेडमिक लाइफ में टॉपर रही है। मैथ में बीएससी की डिग्री लेने के बाद 20 साल की उम्र तक उन्होंने एमबीए की पढ़ाई पूरी कर लिया था। उसके बाद उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट में पीएचडी के लिए अप्लाई किया था, उन्होंने अगले ही साल जेआरएफ के लिए क्वालीफाई कर लिया था. उन्होंने 2 साल और कुछ महीनों में पीएचडी पूरी कर लिया था।

डॉ. बुशरा बानो की फैमिली

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में रिसर्च के दौरान बुशरा बानो ने आगरा के एक संस्थान में पढ़ाना शुरू कर दिया था, फिर उन्होंने सऊदी अरब की यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाले असमर हुसैन से निकाह हो गया था। निकाह के बाद सऊदी अरब जाकर उन्होंने अस्सिटेंट प्रोफेसर के तौर पर पढ़ाने लगी। लगभग 2 साल बिताने के बाद उन्हें अपने मुल्क भारत की याद आने लगी, वह अपने देश में रहकर ही कुछ करना चाहती थी। अपने पति से इस पर आए विचार लेकर भारत आ गई, हालांकि उस समय उन्हें एक बेटा हो चुका था।

234 वी रैंक के साथ आईपीएस ऑफिसर बनी 

जब वह भारत आई तो उन्होंने एएमयू में पोस्ट डॉक्टोरल के लिए अप्लाई किया। इसके साथ ही सरकारी नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करना शुरू कर दिया। परिवार और बच्चे की जिम्मेदारी को निभाते हुए 10 घंटे पढ़ाई करती थी। यूपीएससी की परीक्षा 2017 में असफल हो गई लेकिन उन्होंने हार नहीं माना, आखिरकार 2018 में उन्होंने 277वी रैंक हासिल कर लिया, उसके बाद उन्हें आईआरटीएस में नौकरी की ऑफर की गई थी, फिर वही अगले अटेम्प्ट में 234 वी रैंक के साथ आईपीएस ऑफिसर बन गई।

इंटरव्यू के समय वह 8 महीने की थी प्रेग्नेंट

डॉ. बुशरा बानो फिलहाल टूंडला में एसडीएम के पद पर कार्यरत है, खबर यह भी है कि उन्होंने फैसला किया कि होम कैडर मिलने तक वो आईपीएस की नौकरी ज्वाइन नहीं करेंगी। आपको बता दें कि यूपीएससी इंटरव्यू के समय वह लगभग 8 महीने की प्रेग्नेंट थी। रिपोर्ट के अनुसार उनके दो बच्चों की डिलीवरी सिजेरियन ऑपरेशन से हुआ था हालांकि उसके अलावा भी वह दो मेजर ऑपरेशन भी करवा चुकी है। खबर यह है कि उनके पति सऊदी अरब की नौकरी छोड़कर उनके पास रहने के लिए भारत आ गए है।

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