30 करोड़ की लागत से बिहार के इस स्टेशन का होगा जीर्णोद्धार, ओवरब्रिज, बैंक्वेट हॉल, आधुनिक प्रतीक्षालय जैसी मिलेगी आधुनिक सुविधाएँ

यह तो जगजाहिर है कि अंग्रेजों के आने के बाद ही भारत में पहली बार रेलवे का परिचालन हुआ था। अंग्रेजों ने ही भारत में रेलवे को विकसित किया था । जगह-जगह रेलवे लाइनें बिछाई गई, ओवरब्रिज बनाए गए, स्टेशन  बनाए गए थे। आज भी कई ऐसे रेलवे स्टेशन दिख जायेगें जो अंग्रेजो के ज़माने से ही खड़े है।

आज हम अंग्रेजों के जमाने में बनाए गए बिहार के एक स्टेशन नरकटियागंज की बात कर रहे हैं जिसका निर्माण सन 1904 में हुआ था । यह स्टेशन  बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में स्थित है। दुर्भाग्य है की 100 साल बीत जाने के बाद  भी नरकटियागंज स्टेशन पर आजतक एक प्रवेश द्वार का निर्माण भी नहीं हो सका। गौरतलब है की वर्तमान में इस स्टेशन से करीब 5000 से भी अधिक यात्री रोजाना  सफर करते हैं। आपको बता दें कि नरकटियागंज जंक्शन चार खंडों वाला का जंक्शन है जिसमें तीन खंडों पर वर्तमान में परिचालन हो रहा है ।

गौरतलब है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बीते फरवरी वित्त मंत्री द्वारा पेश  किए गए आम बजट में इस स्टेशन  को बिहार के 86 स्टशनों  की लिस्ट में शामिल किया गया था जिनका जीर्णोद्धार होना है ।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 30 करोड़ की लागत से नरकटियागंज जंक्शन का कायाकल्प होगा । इसमें हाईटेक प्रतीक्षालय, शौचालय, लिफ्ट व एक्सलेटर, बैंक्विट हॉल सहित लगभग 18 करोड की लागत से फुटओवर ब्रिज का भी निर्माण होगा । आशा है कि जल्द ही अमृत भारत योजना के तहत नरकटियागंज जंक्शन को एक नया रूप दिया जाएगा जिससे बेतिया जिले के लोगों को इस स्टेशन पर महानगरों जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगे।

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