सिर्फ़ छोटे शहरों के बीच दौड़ेगी वंदे मेट्रो ट्रेन, किराया भी होगा बेहद किफ़ायती, छात्रों और कर्मियों को बड़ी सहूलियत

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का नाम तो आपने सुना ही होगा, यह नाम ट्रेन के नाम पर एक ब्रांड बन चुका है जिसको सुनते ही हर किसी के मन में हाई स्पीड ट्रेन पर घूमने का विचार ज़रूर आता है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक बड़ी जानकारी देते हुए अब वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के बाद वंदे मेट्रो पर बड़ी जानकारी साझा की है, आइए जानते हैं क्या है वंदे मेट्रो का प्लान और क्या होंगे इसके बड़े फायदे।

दो शहरों के बीच घटेगी दूरी

वंदे मेट्रो को लाने का मुख्य वजह दो शहरों के बीच दूरी को काम करना है, यह दो वैसे शहर होंगे जिन के बीच की दूरी 100 किलोमीटर से कम होगी, ऐसे शहरों को चिन्हित करके उनके बीच वंदे मेट्रो का परिचालन किया जाएगा, यह फैसला आमतौर पर लोकल ट्रेनों में बढ़ रही भीड़ एवं दबाव को देखते हुए लिया गया है, कहा जा रहा है कि वनडे मेट्रो की पहली ट्रेन इसी साल दिसंबर 2023 तक बनकर तैयार हो जाएगा।

किराए की जानकारी

वंदे मेट्रो ट्रेन के किराए पर जानकारी देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह कहा कि हम लोग इस हाई स्पीड ट्रेन को बेहद ही किफायती किराए के साथ परिचालित करेंगे, साथ-साथ रेल मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया है कि भारत में ऐसी ट्रेनों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। बात अगर सारांश में की जाए तो वनडे मेट्रो ट्रेन सिर्फ दो वैसे शहरों के बीच चलाई जाएगी जिन की दूरी 100 किलोमीटर से कम है प्लान के अनुसार इस ट्रेन को एक ही रूट पर दो शहरों के बीच एक ही दिन में चार से पांच राउंड चलाने का प्लान शामिल किया गया है।

8 कोच वाला होगा एक मेट्रो 

अलग-अलग मेट्रो शहरों में दौड़ रहे मेट्रो ट्रेन में जिस प्रकार 8 कोस होते हैं उसी प्रकार इस वंदे मेट्रो ट्रेन में भी 8 कोच शामिल किए जाएंगे, हालांकि वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की बात की जाए तो इनमें अभी 16 को शामिल किए जा रहे हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार वंदे मेट्रो ट्रेन का फायदा सबसे अधिक छात्र-छात्राओं जोकि एक शहर से दूसरे शहर पढ़ाई के लिए प्रतिदिन आते जाते हैं तथा दूसरे हैं नौकरी के लिए दफ्तर जाने वाले वह कर्मचारी जो प्रतिदिन एक शहर से दूसरे शहर आया जाया करते हैं।

चेन्नई और लखनऊ में होगा वंदे मेट्रो का निर्माण 

जानकारी के लिए आपको बता दें कि वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के सभी कुछ फिलहाल चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में तथा लखनऊ के रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन के द्वारा निर्माण किया जा रहा है, इन्हीं दोनों कंपनियों को वंदे मेट्रो ट्रेन के लिए आठ कोच वाले ट्रेन को तैयार करने के लिए दिशा निर्देश दिया जा चुका है।

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