आज सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के नेतृत्व में बन रहे द्वारका एक्सप्रेसवे का daur किया और वीडियो भी शेयर किया। इस सफर में दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना, सांसद रमेश विधूड़ी, केंद्रीय मंत्री वीके सिंह भी थे। इसी के साथ नितिन गडकरी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में एक्सप्रेसवे से जुड़ी कुछ जानकारियां भी साझा की गई है। यह द्वारका एक्सप्रेसवे चार पैकेज में बन रहा है जो की दिल्ली में 2507 करोड़ रुपए की लागत से और 5.9 किमी लंबाई के महिपालपुर के शिव मुर्ति से बिजवासन तक के खंड का 60 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है।

2068 करोड़ रुपए की लागत

गडकरी ने बताया कि 2068 करोड़ रुपए की लागत से 4.2 किमी लंबे बिजवासन ROB से गुरुग्राम में दिल्ली-हरियाणा सीमा तक के खंड का 82 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। गुरुग्राम में 2228 करोड़ रुपए की लागत से 10.2 किमी लंबाई के दिल्ली-हरियाणा सीमा से बसई ROB तक के खंड का 93 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है और 1859 करोड़ रुपए की लागत से 8.7 किमी लंबाई के बसई ROB से खेरकी दौला (क्लोवरलिफ इंटरचेंज) तक के खंड का 99 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

20 लाख घन मीटर कंक्रीट का उपयोग

वही आपको बता दे एक्सप्रेसवे के निर्माण में 20 लाख घन मीटर कंक्रीट का उपयोग किया जा रहा है, वहीं बुर्ज खलिफा में इस्तेमाल हुए कंक्रीट से भी 6 गुना अधिक कंकड़ इसमें इस्तमाल किए गए हैं। उन्होंने बताया की द्वारका एक्सप्रेसवे के निर्माण में 2 लाख मैट्रिक टन स्टील का उपयोग किया जा रहा है, जो एफिल टॉवर में इस्तेमाल हुए स्टील से 30 गुना अधिक है। वही उन्होंने यह बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है जब देश में एक एक्सप्रेसवे में 12 हजार वृक्षों का ट्रान्सप्लांट किया गया है। दिल्ली-गुड़गाव के बीच प्रतिदिन वाहनों का भारी दबाव रहता है, जिससे इस मार्ग पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। द्वारका एक्सप्रेसवे बनने से इस मार्ग में जाम की समस्या हल होगी।

 

 

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