कहते है कि जल ही जीवन है, लेकिन कानपुर में बर्बाद हो रहा है करोड़ो लीटर पिने के पानी, बुझाई जा सकती है कई हजारो लोगो की प्यास

कानपुर में हर रोज लगभग करोड़ों लीटर पानी सड़कों और नालियों में बर्बाद हो रहा है और कई जगह लोगों को पीने के लिए पानी तक नहीं मिल रहा है। दरअसल आपको बता दें कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटिश के जमाने की पुरानी लाइन जर्जर हो होना शुरू हो चुकी हैं और दूसरी तरफ जलकल निगम की पेजल की लाइन अभी चालू नहीं हो रही हैं। जर्जर लाइन होने के चलते हैं कई जगहों पर लीकेज होने के कारण लगभग 1 करोड़ लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। बर्बाद हो रहे करोड़ लीटर पानी से लगभग 62 हजार से अधिक लोगों की प्यास बुझाई जा सकती हैं।मौजूदा समय में काकादेव ,पांडू नगर, बर्रा, दादा नगर, गांधी नगर, स्वरूप नगर साथ ही कई इलाकों में ब्रिटिशो के जमाने की पीने वाले पेयजल का लाइन जर्जर हो चुका है। इस वजह से जगह-जगह पानी बर्बाद होते रहता है। जगह-जगह पानी सड़कों पर गिरने के चलते सड़क टूट जाती है और सड़कें जानलेवा बन गई है। कई दुपहिया वाहन सवार गिर जाते हैं। जलकल के द्वारा संसाधनों से रोज 36 करोड़ लीटर जल की आपूर्ति किया जाता है।

फिलहाल लोअर गंगा कैनाल बंद पड़ा है जिसके वजह से पांच करोड़ लीटर जल की आपूर्ति रुकी हुई है। 6 महीने से जल की आपूर्ति बंद होने के चलते कई दर्जन इलाकों में जल की आपूर्ति कम प्रेसर के साथ पहुँच रहा है। जर्जर लाइनों को ठीक करने के लिए टीम जलकल महाप्रबंधक के द्वारा लगाया गया है लेकिन इससे कोई फायदा नहीं दिख रहा है। लीकेज ठीक होते रहते हैं फिर शुरू हो जाते हैं। वही 869 करोड रुपए से तैयार किए गए पेयजल लाइन से भी कोई फायदा नजर नहीं दिख रहा है। आपको बता दे कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस लाइन से फिलहाल 6 करोड़ लीटर जल की आपूर्ति की जा रही है जबकि इस से 50 करोड़ लीटर जल की आपूर्ति होना है। जल निगम से लोगों ने अपील किया है कि बर्बाद हो रहे पानी को रोके और पानी की आपूर्ति पर ध्यान दिया जाए। गर्मी आने वाली है हैंडपंप को भी ठीक कराया जाए ताकि गर्मी में राहत मिल सके।

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